प्यासा के ग़ज़ल
ग़ज़ल कहना है मुझे रोज, कहते रहना।
सफर मेरा है इसे रोज, चलते रहना।
दर्द दिल का ग़ज़ल से बयां ,कुछ यूं करना,
सनम की आख छोड़े रोज, बहते रहना।
प्यार का नब्ज क्या है दिल, ओं दिमाग लगा,
दर्द से दूर चाहे रोज, हँसते रहना।
किसी को मन से दिया मान,दिल झूम उठा,
बड़ी आदत है इसे रोज, करते रहना ।
दिखा है फिर से मुझे, आज गुस्सा तेरा,
तिरा गुस्सा व मेरा रोज, सहते रहना।
क्या किस्मत पाया प्यार भी तो 'प्यासा' का
बस तेरा नाम उसे रोज जपते रहना ।
-'प्यासा'


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







