एक पेड़ धरती मां के नाम
दिनांक:03/07/2026
धरती मां की सूनी गोद को सजाना है
हर कोने में एक नया पौधा लगाना है।
धूप की शिद्दत से जो झुलस रही है धरा
उसे फिर से मखमली हरी चादर पहनाना है।
एक पेड़ उस मां के नाम, जिसने हमें पाला
जिसकी मिट्टी ने हमारे जीवन को संभाला।
उसकी छांव में बैठ कर सुस्ताएंगे मुसाफिर
जिसने निस्वार्थ भाव से हमें अन्न-जल डाला।
जड़ें इसकी गहराई तक जाकर मां को थामेंगी
इसकी हरी पत्तियां ठंडी हवाएं गाएंगी।
पंछी बनाएंगे बसेरा इसकी शाखों पर आकर
और ये ज़मीन फिर से खुशहाल मुस्कुराएगी।
आओ मिलकर इस पावन फर्ज को निभाएं
धरती मां के जख्मों पर मरहम लगाएं।
सिर्फ एक पेड़ नहीं, एक नया जीवन रोपें
और इस सुंदर सृष्टि को विनाश से बचाएं।
सत्यवीर वैष्णव बारां राजस्थान 💞✒️💞


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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