Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of WordThe Flower of Word by Vedvyas Mishra
The Flower of WordThe novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas MishraThe Flower of Word by Vedvyas Mishra
Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The novel 'Nevla' (The Mongoose), written by Vedvyas Mishra, presents a fierce character—Mangus Mama (Uncle Mongoose)—to highlight that the root cause of crime lies in the lack of willpower to properly uphold moral, judicial, and political systems...The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

कविता की खुँटी

                    

एक लेखक

एक लेखक ही होता है
जो छोटी बात को बड़ा कर
कलम में उतार देता है,
और बड़ी बात को सीने में दफ़न कर
मुस्कुरा देता है।
लफ़्ज़ शूल की तरह चुभते हैं उसे
पर वो आहें तक नहीं भरता है,
एक लेखक ही होता है
जो बड़े से बड़े ग़म को अमृत समझ
पी लेता है।

एक लेखक ही होता है
जो चेहरे पर हाल - ए - दिल
उतरने नहीं देता है,
मानो खुशियों का बादशाह हो
मिज़ाज ऐसा रखता है।
सितम पर सितम सहता है
पर माथे पर शिकन तक नहीं आने देता है,
एक लेखक ही होता है
जो ग़मों को छुपाने में माहिर होता है।

💐💐 रीना कुमारी प्रजापत 💐💐


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रचना के बारे में पाठकों की समीक्षाएं (7)

+

अशोक कुमार पचौरी 'आर्द्र' said

वाह, क्या गहरी और सच्ची बात कही है आपने! लेखक का दर्द और उसकी मजबूती इस कविता में ऐसे उभर कर आई है जैसे वो अपने जज़्बातों को खुद से भी छुपा कर दुनिया के लिए मुस्कुराता है। सच में, लेखक की संवेदनशीलता और सहनशीलता ही उसे अलग बनाती है। बहुत खूबसूरत रचना आदरणीय Mam, को सादर प्रणाम

रीना कुमारी प्रजापत 'मनस्वी' replied

Ji bahut bahut shukriya 🙏 प्रणाम

श्रेयसी said

बहुत सही और सटीक लिखा आपने 👌👌

रीना कुमारी प्रजापत 'मनस्वी' replied

आभार आपका 🙏

सुप्रिया साहू said

वाह...बहुत खूबसूरत रचना दीदू 👌👌, लेकिन हमसे तो न छिपाइए अपने दर्द को, आपको सादर प्रणाम 🙏🙏।

रीना कुमारी प्रजापत 'मनस्वी' replied

जी बिल्कुल नहीं छुपाएंगे 😊🙏शुक्रिया

Shiv Charan Dass said

बहुत खूब रीना जी........जहां न पहुंचे रवि......वहाँ पहुंचे कवि......जहां न पहुंचे कवि'''''''वहाँ पहुंचे आपसा लेखक अनुभवी

रीना कुमारी प्रजापत 'मनस्वी' replied

आपकी इतनी खूबसूरत समीक्षा के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद 🙏🙏

मनोज कुमार सोनवानी "समदिल" said

वाह, खूबसूरत रचना जी, नमस्कार।

रीना कुमारी प्रजापत 'मनस्वी' replied

धन्यवाद!

वन्दना सूद said

बहुत खूब लिखा रीना जी 👌👌👏👏दूसरों के भाव को कलम में उतारना और अपने भाव को कलम से छुपाना एक लेखक को बखूबी आता है

रीना कुमारी प्रजापत 'मनस्वी' replied

आभार आपका 🙏

कमलकांत घिरी said

बहुत सही दीदी बहुत ही सही बिलकुल सही कहा आपने 👏💐🙏

रीना कुमारी प्रजापत 'मनस्वी' replied

Thank bhai

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