हम सभी एक ही नाव में सवार हैं,
कभी दिल टूट जाता है हमारा,
कभी टूट जाते हैं ख़्वाब,
इस लिए हर दिल तन्हा,
हर आँख में अश्कों की भरमार है।
इसी तरह ख़्वाब हमारे ज़ार-ज़ार हैं,
टूट कर भी धड़कते हैं दिल में ख़्वाब हमारे,
यही तो सच्चा प्यार है।
कुछ ख़्वाब नींद में ही दम तोड़ जाते हैं चुपचाप,
कुछ ख़्वाब जागती आँखों में
आख़िरी साँस तक साकार हैं।
लहरों से जूझते रहे उम्र भर ख़ामोशी से,
सफ़र एक-सा ही सही,
पर हर दर्द अलग-अलग सा है।
कभी पतवार छूटी,
कभी उम्मीद डगमगाई,
फिर भी ख़्वाब और इश्क़ की नाव को चलाए,
मेरे दिल का ऐतबार है।
जो मिल ना सका वही रह गया साथ,
यादों के साहिल पर
ठहरा वही इंतज़ार है।
दिल में तुम्हारी यादें
और पलकों पर तुम्हारा इंतजार है।
— सरिता पाठक
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







