मेरी सादगी पर नाज करने वाला बदल गया।
कहीं पर भी मचलने वाले का जादू ढल गया।।
अब तो मिज़ाज उसके उखड़े उखड़े से रहते।
खुश-नसीब माना खुद को नसीब बदल गया।।
उदासियों के मौसम हवाऐँ बहा कर ले आई।
दुआ का असर भी 'उपदेश' कहाँ टहल गया।।

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

Show your love with any amount — Keep Likhantu.com free, ad-free, and community-driven.
The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
मेरी सादगी पर नाज करने वाला बदल गया।
कहीं पर भी मचलने वाले का जादू ढल गया।।
अब तो मिज़ाज उसके उखड़े उखड़े से रहते।
खुश-नसीब माना खुद को नसीब बदल गया।।
उदासियों के मौसम हवाऐँ बहा कर ले आई।
दुआ का असर भी 'उपदेश' कहाँ टहल गया।।
© 2017 - 2026 लिखन्तु डॉट कॉम