दिल की किताब में कुछ पन्ने अधूरे रह गए,
तुझे देखने की चाहत सपने बन रह गए,
यादें तुम्हारी डसती है हर वक्त मुझको,
तुम्हारी एक मुलाक़ात के लिए तरसते रह गए....।।
ये ज़ख्म मेरा अभी भरा नहीं था,
उसने काटा सांप से भी जहरीली नशे की तरह,
उस समय वक्त मेरे हाथों में ना था,
वरना बिखेर देते टूटे सपनों की तरह....।।
- सुप्रिया साहू


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







