चलो आजाद कर दें
चलो आजाद कर दें, ये रिश्ता तोङ कर तुम को
ले आए हैं हालात कौन से इस मोङ पर तुम को
ये रिश्ता जोङने की कोशिश तो हर बार की मैंने
सुकूं मिल जाएगा क्या ये रिश्ता तोङकर तुम को
जुदा, रह कर जमाने में, कहां मिलती हैं खुशियां
तेरी खामोशियों ने रखा कब से तोङकर
हम को
हम से, बात करने में भी, परहेज करते हो तुम
अब तो खुश हो तुम अधर में छोड़ कर हम को
तुम्हारी, खुशी के लिए, हर रिश्ता तोङ देंगे हम
भूल कर भी न देखना रिश्ता जोङ कर
हम को
अगर ठहर जाएं अश्कों की लकीरें तेरी आंखों में
नजर ना आएंगे, इन राहों के मोङ पर तुम को
ये आखिरी सलाम यादव का कुबूल हो तुम को
न देखना वो आईना जिसमें नजर आएं तुम को
अलविदा दोस्तो ।
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







