अपनी करके मनमानी ,
दोष मण दिए ,
उन अधिकारियों पर।
खड़ी कर कर के,
रोज एक नई समस्या,
ईमानदारी की ,
तो जान पर ही बन आई।
झूठ बोल बोल कर,
मामलों को उलझाता है।
ऐसा बनाया चक्रव्यूह,
हर योद्धा फंस जाता है।

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
अपनी करके मनमानी ,
दोष मण दिए ,
उन अधिकारियों पर।
खड़ी कर कर के,
रोज एक नई समस्या,
ईमानदारी की ,
तो जान पर ही बन आई।
झूठ बोल बोल कर,
मामलों को उलझाता है।
ऐसा बनाया चक्रव्यूह,
हर योद्धा फंस जाता है।
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