नक़ाब में हिज़ाब नहीं होता है आंखों में हिज़ाब रखना होता हैं
दाढ़ी_टोपी_नक़ाब बेजान है जान जिस्म और आंखों में होता है
ईमान का ताल्लुक नेक और अच्छे कर्म से है नक़ाब से नहीं है
तस्लीमा _मेराज ख़ान नाम रख लेना ईमान की दलील नहीं है
नज़र ख्वाहिंश काबू में रखने से इंसानियत आयेगी ईमान नहीं
ईमान है नबी मुहम्मद की फरमान पर मुकम्मल अमल का होना
हम ईमान बचाने केलिए झूठ_गिबत सभी बुराई से बचे अबतक
आज़ कुछ नहीं मेरे पास महज़ इसलिए के फ़रमान ज़िंदा रखा है
हराम खोरी का एक लुकमा खाना औलाद को खिलाना हराम है
ईमान वाला बनने केलिए नफ्स पर काबू नज़रें नीचे रखना होगा
नीतीश कुमार ने जिस औरत का नक़ाब खींचा उस आंख में हया नहीं
नीतीश को जिस अंदाज़ से आंखें देख रही है नसीली अंदाज़ है
लिबास वो आंखों की बेशर्मी से बूढ़े आदमी भी जोश में आ जाता है
सुनो मुसलमानों अपनी ईमान बचाओ बे हयाई का साथ छोड़ दो
तुम्हारा ईमान तुम्हारे साथ हम गलत कामों में अपने औलादों के तरफदारी नहीं करते
युग ख़राब चल रहा है जीना मुश्किल है मेरा अपनी मौत के लिए दुआ किया है
वसी अहमद क़ादरी ! वसी अहमद अंसारी
मुफक्किर ए कायनात ! मुफक्किर ए मखलूकात
दरवेश ! लेखक ! पोशीदा शायर


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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