जिसको देखकर फुर्फुरी सी महसूस होती।
काश उस अजनबी से मुझको आस होती।।
भरोसा कायम आज भी मुझको उसपर।
काश उसे भी उतनी ही मेरी प्यास होती।।
जाने किस दुआ का असर खास उसपर।
छत पर आता 'उपदेश' बाते खास होती।।

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
जिसको देखकर फुर्फुरी सी महसूस होती।
काश उस अजनबी से मुझको आस होती।।
भरोसा कायम आज भी मुझको उसपर।
काश उसे भी उतनी ही मेरी प्यास होती।।
जाने किस दुआ का असर खास उसपर।
छत पर आता 'उपदेश' बाते खास होती।।
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