फूलों से खुशबू चुराना, अच्छा लगता है
उसकी गली में आना जाना, अच्छा लगता है
लोग नादान समझते हैं, ये मेरे लिए अच्छा है
नादानी में ही, कुछ कर जाना, अच्छा लगता है
कुछ कह दिया उनसे, उन्हें अच्छा नहीं लगा
और ये भी समझ पाना, अच्छा लगता है
हम अल्हड़ अजनबी, दोस्ती क्यों करें
राह अपने ही, चलते जाना, अच्छा लगता है।
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







