अब सोचूँगा हज़ारों बार,
इश्क़ करने से पहले !!
अब होऊँगा समझदार मैं,
इश्क़ करने से पहले !!
इश्क़ देती नहीं ग़म,
के सिवा कुछ !!
इश्क़ करती है बस,
रूख अमीरी का !!
अब होऊँगा ना मैं बेक़रार,
इश्क़ करने से पहले !!
प्यार होता नहीं पहला कुछ,
प्यार होता नहीं आख़िरी भी !!
हर आती हुई साँस उनकी,
हर जाती हुई साँस उनकी !!
अब खाऊँगा न मैं धोखा,
इश्क़ के मामले में !!
अब होऊँगा ना मैं बेक़रार,
इश्क़ करने से पहले !!
----वेदव्यास मिश्र
यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है
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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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