जो हो गया हम उसे भूलते नहीं
पर याद भी नहीं करते,
अतीत को सोच वक़्त अपना
बर्बाद नहीं करते।
जानते हैं गलतियों पे गलतियाॅं करना
फितरत है उसकी,
इसलिए हम उसे माफ़ करके भी
माफ़ नहीं करते।
चेहरे से जताते है कि कोई गिला शिकवा
नहीं अब हमें उससे,
पर दिल से कभी उसके कड़वे बर्ताव को
बर्खास्त नहीं करते।
••••रीना कुमारी प्रजापत ✍️
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







