फूल झरते रहें,आपके पांव में
त्याग फलते रहें,आपके छांव में
प्रेरणा प्रद रहे, जिंदगी आपकी
कभी न कांटे चुभे,आपके पांव में।। 1।।
हमने तुमसे जो की, दिल्लगी की क़सम
आसमां की क़सम और जमीं की क़सम
जिये जा रहें हैं, तुम्हारे लिए
जिंदगी जो मिली, जिंदगी की क़सम।।2।।
राह जैसी मिले, आप चलते रहें
जैसे दीपक अंधेरे में, जलते रहें
मुस्कुराने की कोई, वज़ह ढूंढ लें
आपकी मुट्ठी से सूरज निकलते रहें।।3।।
यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है
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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







