मन के हारे हुए परिंदे तुझ को उड़ना होगा।
तुमको अपने पंखों को मजबूत करना होगा।।
कहीं खो न देना अपने हिस्से का आसमान।
वर्ना हर हाल में एक दिन हाथ मलना होगा।।
फिर टिकना कठिन हो जाएगा इस जहां में।
सारा जीवन अपनी भूल पर पछताना होगा।।
शून्य के निराकार में व्यर्थ होगा आकार ढूंढना।
किसी तरह आवाज़ शून्य तक पहुंचाना होगा।।
तुम्हारी आवाज़ में उजराई जिंदगी की 'उपदेश'।
जिंदगी का खालीपन संभावना से भरना होगा।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
गाजियाबाद


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







