तुम्हें आंखों के पास रखूंगी
काजल बनकर आओ ना,
बरसोगे कब ओ मेरे साजन
बादल बनकर आओ ना !
आंगन में बूंदों की खन खन संग
पांवों की ताल मिलाऊंगी,
घूंघरू की मीठी छन छन लेकर,
पायल बनकर आओ ना!
नहीं खनकती हैं ये तुम बिन
सात रंग की चूड़ियां
सांसों में दीवानगी भर कर
पागल बनकर आओ ना!
अब तो बरखा बरस रही है
गगन बिजुरिया कड़क रही है
घायल हम हैं तुम भी थोड़ा
घायल बनकर आओ ना!
नाच रहा मन मलंग मलंग हो
पावस की मस्त फूहारों में
उठा लो अपनी बाहों में
रायल बनकर आओ ना!!
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







