साथियो, ये जो गणतंत्र हमें मिली है,
इतनी आसानी से ये आज़ादी नहीं मिली है।
इसके लिए हमारे देश के वीर जवानों ने,
क्रांतिकारियों ने अपने बलिदान दिए हैं।
हज़ारों बहादुरों ने जीवन दांव पर लगाया,
हज़ारों माताओं ने आंसू बहाया।
तब जाकर मिला हमें यह गणतंत्र,
तिरंगा ऊँचा आकाश में लहराया।
न लड़ाई बिना पढ़ाई के,
न आज़ादी अज्ञान के साथ,
हक़ समझने की सच्ची किताब,
संविधान है हमारे हाथ।
ना पूछो ज़माने से कहानी हमारी,
तिरंगे में लिखी है पहचान हमारी।
आज़ादी की नींव, बलिदानों की निशानी,
गणतंत्र से मिली हमें नई ज़िंदगानी।
संविधान ने जो अधिकार दिया,
कर्तव्य निभाना है फ़र्ज़ लिया।
डॉ. भीमराव अंबेडकर ने जो राह दिखाई,
समानता और न्याय की मशाल जगाई।
न्याय, समता, स्वतंत्रता का मान,
इन्हीं मूल्यों से बना हिंदुस्तान।
जाति, धर्म, भेदभाव को पीछे छोड़,
सपनों का भारत बनाया उन्होंने साकार।
26 जनवरी का पावन दिन आया,
गणतंत्र ने भारत को राह दिखाया।
पूर्ण स्वराज का सपना हुआ साकार,
इतिहास में दर्ज हुआ स्वर्णिम उपहार।
डॉ. राजेंद्र प्रसाद संग शुरू नया सवेरा,
लोकतंत्र की राह पर बढ़ा देश मेरा।
परेड में झलकी संस्कृति की शान,
वीरता का गूँजा हर ओर गान।
जाति-धर्म से ऊपर भारत की बात,
एकता में ही है देश की ताक़त।
न्याय, समानता, एकता का आधार,
इन्हीं से मजबूत है भारत अपार।
तिरंगा ऊँचा, हौसले बुलंद,
गणतंत्र से भारत सदा प्रचंड।
दिल में जगे अभिमान अपार,
गणतंत्र दिवस—हम सबका गर्व, हमारा संस्कार। 🇮🇳
Gitanjali gavel ✨


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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