पर तू नहीं है
फूल है खुशबू है
प्यार है रंग है
मौसम सारे जवां है,
मीठे लफ्ज़ साफ- साफ
कोयल करती राग
धूप है छांव है
पर तू नहीं है _
इतना सुहाना पल है
रिमझिम सा बादल है
घूमने की फुरसत है
मिलने की चाहत है
पर तू नहीं है _
ठंडी - ठंडी हवा है
तन मन में राहत है
सादा सा जीवन है
खुशियां है पलकों पे,
गगन छूने की ख्वाहिश है
दिल की यही फरमाइश है
पर तू नहीं है _
अश्क के दाने
तेरे दीवाने
पर तू न जाने


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







