(बाल कविता)
पाओगे जग में सम्मान
_______________
मम्मी ललाई पेंसिल एक ।
होते इससे काम अनेक ।।
होमवर्क हो जाता पूरा ।
उत्तर रहता नहीं अधूरा।।
पेंसिल होती जिसके पास।
लिखने का करता अभ्यास।।
सुंदर अक्षर बनते साफ़।
ऊँचा रहता सदा ग्राफ।।
पेंसिल कहती अच्छी बात ।
पढ़ने-लिखने की शुरुआत ।।
पेंसिल रहती जब तक हाथ।
विद्या देती तब तक साथ।।
करना नहीं कभी भी भूल।
जाना हरदम ही स्कूल।।
विद्यालय से लोगे ज्ञान ।
पाओगे जग में सम्मान ।।
________
~राम नरेश "उज्ज्वल"


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







