जैसे थे है वैसे...
वक्त बदला हम भी
पर न बदला हमारा स्वभाव है
सोच बदली नजर भी
पर न बदला हमारा रहन-सहन है
उम्र बदली हम भी
पर न बदला हमारा हौसला है
मृदु शब्द बदले बोली भी
पर स्मरण में न कोई बदलाव है
पहले जैसे है आज भी
पर हकीकत में घायल बहुत है...!!!!


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







