हर दुःख हर पीड़ा को बिना कहे जो समझ जाए ,
वही तो एतबार करने वाली भी होती हैं हाँ बेटियाँ ।
ममता की दूजा मूरत एवं माँ जग जननी जगदंबा का ,
स्वरूप भी होती हैं
हाँ बेटियाँ ।।
पुत्र मिले भाग्य से एवं पुत्री मिले सौभाग्य से ,
उस समरूपता की सर्वोपरि हकदार भी होती हैं हाँ बेटियाँ ।
पृथ्वी से लगाकर अंतरिक्ष तक की उस कल्पना की कल्पना के ,
सफर का अभिसार भी होती हैं हाँ बेटियाँ ।।
माँ की कोख की शान एवं पिता की मूँछ का ,
सर्व अभिमान भी होती हैं
हाँ बेटियाँ ।
प्रेम की उस पराकाष्ठा का स-स्वर वर्णन करने योग्य ,
की सर्व स्वाभिमान भी होती हैं
हाँ बेटियाँ ।।
सुर-असुर-अचर-अजर-अमर एवं भगवान की भी आँखों की तारा का , सर्व स्वाभिमान का ना एतबार करने वाली भी होती हैं हाँ बेटियाँ ।
जिनका शब्दों से भी वर्णन ना किया जा सके , वह महारत हासिल करने वाली अभि-नामित नाम भी होती हैं हाँ बेटियाँ ।।
नाम बाल कवि बाल वैज्ञानिक ठाकुर अभय प्रताप सिंह ।
कक्षा 10th वर्ग B2 ।
विद्यालय बख्शी का तालाब इण्टर कॉलेज लखनऊ उत्तर प्रदेश भारत ।
माता-पिता श्रीमती लक्ष्मी सिंह श्री अमित सिंह ।
भाई बहन राजा सिंह परी सिंह।
पता सुहेलिया मजरे सुहेला पोस्ट बकाहुवाँ बाजार विकाश-खण्ड महमूदाबाद थाना सदरपुर जिला सीतापुर उत्तर प्रदेश भारत।
संपर्क सूत्र = tapssarkar2008@gmail.com/https://www.instagram.com/i_am_t.a.p.s.sarkar261201?igsh=cXdmcnBnaGl3Zmph/https://www.youtube.com/@ThakurAbhayPratapSingh-70715


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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