अटल बिहारी वाजपेयी: युगपुरुष और सुशासन के प्रणेता
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और 'भारत रत्न' अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती हर साल 25 दिसंबर को मनाई जाती है। आज, 25 दिसंबर 2025 को, राष्ट्र उनकी 101वीं जयंती मना रहा है।
अटल जी के कार्यकाल में भारत ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं:-
परमाणु शक्ति:-
1998 में पोखरण में परमाणु परीक्षण कर भारत को एक परमाणु शक्ति संपन्न देश बनाया।
कारगिल विजय:-
उनके नेतृत्व में भारतीय सेना ने 1999 के कारगिल युद्ध में पाकिस्तान पर विजय प्राप्त की।
विकास योजनाएं:-
उन्होंने 'स्वर्ण चतुर्भुज' सड़क परियोजना और 'प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना' जैसी बुनियादी ढांचे की महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू कीं।
विदेश नीति:-
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में पहली बार हिंदी में भाषण देकर भारत का मान बढ़ाया था।
अटल बिहारी वाजपेयी न केवल एक महान राजनेता और भारत के पूर्व प्रधानमंत्री थे, बल्कि एक बेहद संवेदनशील और ओजस्वी कवि भी थे। उनके पिता कृष्ण बिहारी वाजपेयी भी ग्वालियर के एक जाने-माने कवि और शिक्षक थे, जिससे कविता उन्हें विरासत में मिली थी।
अटल जी की कविताओं में राष्ट्रवाद, मानवीय संवेदनाएं, दार्शनिक गहराई और जीवन के संघर्षों का अनूठा संगम मिलता है।
"गीत नया गाता हूं... दो अनुभूतियां"
पहली अनुभूति
बेनकाब चेहरे हैं, दाग बड़े गहरे हैं
टूटता तिलिस्म आज सच से भय खाता हूं
गीत नहीं गाता हूं
लगी कुछ ऐसी नज़र बिखरा शीशे सा शहर
अपनों के मेले में मीत नहीं पाता हूं
गीत नहीं गाता हूं
पीठ मे छुरी सा चांद, राहू गया रेखा फांद
मुक्ति के क्षणों में बार बार बंध जाता हूं
गीत नहीं गाता हूं
दूसरी अनुभूति
गीत नया गाता हूं
टूटे हुए तारों से फूटे वासंती स्वर
पत्थर की छाती मे उग आया नव अंकुर
झरे सब पीले पात कोयल की कुहुक रात
प्राची में अरुणिमा की रेख देख पता हूं
गीत नया गाता हूं
टूटे हुए सपनों की कौन सुने सिसकी
अन्तर की चीर व्यथा पलकों पर ठिठकी
हार नहीं मानूंगा, रार नहीं ठानूंगा,
काल के कपाल पे लिखता मिटाता हूं
गीत नया गाता हूं
Post By
Admin Reena Kumari Prajapat


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