ऐ वतन तेरी कसम,
लूटने न दूँगा ये चमन।
मेरी जान जाए या धड़कन,
तू गुलपोश है मेरा,
मैं रंग हूँ तेरा।
न द्वेष है, न भेदभाव,
है सबका यही संगम।
ऐ वतन तेरी कसम,
लूटने न दूँगा ये चमन।
तेरी गोदी में हिमालय,
मस्जिद और देवालय।
झरने करें गुणगान सदा,
खेतों में हल की गूँज सदा।
हम सब तेरे पहरेदार,
अन्न उगाए किसान तेरा,
देश बचाए जवान तेरा।
तू ही मेरा सब कुछ है,
तू ही है अभिमान मेरा।
ऐ मेरे प्यारे वतन,
न्यौछावर मेरे तन-मन।
ऐ वतन तेरी कसम,
लूटने न दूँगा ये चमन


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







