ये बड़ी बड़ी बातें करने वाले
क्या खुद इनपे अमल करतें हैं ,
कि सिर्फ अपनी स्वार्थ सिद्धि के लिए
ऐसी बड़ी बड़ी बातें करतें हैं।
है वह आम आदमी जिनपे ये बातें
थोपना चाहतें हैं।
और अपनी हसरतें पूरी करना चाहते हैं।
यहां ऊंचे ऊंचे आदर्श हैं ,
बड़े बड़े नामचीन लोगों की झूठी
मिशालें दीं जाती हैं।
सिर्फ गरीबों में जोश भरने के लिए और बदले में......
उनके खून पसीने से अमीरों की तिज़ोरी
भरने के लिए।
वह रे ये झुंठें फरेब विचारों जिनसे
गरीबों का कोई सरोकार नहीं...
सिर्फ अमीरों की तिज़ोरी भरने वाले ऐसी
बातों के पैरोकार हैं।
ये सब कुछ नहीं यारों
ये तो सिर्फ़ व्यापार है..
ये तो सिर्फ व्यापार है...


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







