ये मुस्कुराहट तुम्हारी
यह मुस्कुराहट तुम्हारी, कई ऐसे काम करती है
गर समझ में न आए, तो जीना हराम करती है
अगर कोई शब्द न हों कुछ कहने को जुबां पर
तो ये मुस्कुराहट ही हर मुश्किल में काम करती है
जल्दबाजी में शायद कुछ कह न पाओ किसी से
इस उलझन में मुस्कुराहट गजब काम करती है
मिटा देती है दूरी जो बढ़ गई थी बेवजह तुमसे
भुला कर बात हर कड़वी खुशी के नाम करती है
अगर चाहते नहीं कहना, खामोश रह कर तुम
कुटिल मुस्कुराहट भी, व्यंग्य का काम करती है
हो मौसम बहारों का, या बरसात खुशियों की
ये, छोटी सी मुस्कुराहट भी, बड़ा नाम करती है
हल हो गए कई मसले मुस्कुराहट के संग यादव
जब, खामोश हो जुबां, मुस्कुराहट काम करती है
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







