"आज यह कोई बात क्यूं नहीं करता,
नहीं रहता है खामोश सवाल क्यूं नहीं करता ,
बिगड़ता नहीं उसका कुछ भी खड़े होकर आगे ना बढ़ने पर,
अपने हाल को भी लिबास बदलने का शौक कर चुका होगा।"
"तुम्हें याद तो होगा ना, तुम भी भुला करते हो,
हमें शहर आना पड़ा था, हम आए नहीं थे।”
- ललित दाधीच।


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







