Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of WordThe Flower of Word by Vedvyas Mishra
The Flower of WordThe novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas MishraThe Flower of Word by Vedvyas Mishra
Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

The novel 'Nevla' (The Mongoose), written by Vedvyas Mishra, presents a fierce character—Mangus Mama (Uncle Mongoose)—to highlight that the root cause of crime lies in the lack of willpower to properly uphold moral, judicial, and political systems...The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

कविता की खुँटी

                    

रंग डालूं रंग लेकर

" लग गई उसे नजर", सामने वाले की अगर
रंग कवच लगाएंगे, लेखराम सर से रंग लेकर

पतझड़, सावन अगर मन को डसने लगे तो
रचाएंगे रीना की,"ओह मेरे प्रियतम" रंग लेकर

कदम कदम पर रंग अजब बिखरा हुआ है
वन्दना की "रहस्यमयी प्रकृति" रंग लेकर

"उसका नाम पुकार रही थी", सुप्रिया
मां के प्यार का, सबसे गहरा रंग लेकर

दिल की खुशियों की जरूरतें जो कम है
भर दें, क्षितिज की,"कम हो गई" रंग लेकर

" भीड़ में अकेला चला",मुकाम बनाएगा
ललित की , मानवता की रीत, रंग लेकर

निराशा से जो शापित हैं,"पीड़ित मन"
उन्मुक्त करें, उपदेश सर से रंग लेकर

रूठने वालों से,संधि वार्ता जारी रखें
श्रेयसी जी की " चाय का रंग" लेकर

विरासत की संस्कृति को जिंदा रखें हम
पल्लवी की"गौरवशाली बिहार" का रंग लेकर

रोकर भी मन को, हल्का करना सीखें
सरिता की"आंसू की भाषा" का रंग लेकर

रंग सभी का ले लेकर, भरूं भरके पिचकारी
आप सभी को रंग डालूं,अपना "समदिल" रंग लेकर।।

🌹❤️🙏 होली का त्योहार आप सभी के जीवन में खुशियों का रंग भर दें!!🙏❤️🌹


यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है


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रचना के बारे में पाठकों की समीक्षाएं (3)

+

Lekhram Yadav said

बहुत खूबसूरत रचना आपको होली की हार्दिक शुभ कामनाएं।

श्रेयसी said

वाह-वाह वाह-वाह क्या बात है गज़ब लिखा आपने बहुत सुंदर लाज़वाब रचना, होली की हार्दिक शुभकामनाएंँ मनोज जी 🙏🙏

अनिल भारद्वाज एडवोकेट said

बड़े मन से अपने या रंगीली बचाना लिखी है सभी को अपने शब्दों के सतरंगी रंगों में भिगो दिया।

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