कांटों की चुभन,अगर, न खटकती,
मखमली गुलाब,शायद,न महकती,
प्रेम की खुशबू पाना गर आसान होता,
धड़कनें दिल की इतनी न तड़पती।1।
उसने भी घर -बार छोड़ दी मोहब्बत के खातिर,
हमने भी घर- बार छोड़ दी मोहब्बत के खातिर,
ये जमाने वालों ने जो खड़ी करके रखी थी,
बंधनों की हर दीवार तोड़ दी मोहब्बत के खातिर।2।
कातिल बड़ी है, ये, तुम्हारी निगाहें,
जिद पर अड़ी है, ये, तुम्हारी निगाहें,
क़त्ल करके हमें,रोज जिंदा करती है,
प्रेम की हथकड़ी है, ये, तुम्हारी निगाहें।3।
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







