शैलपुत्री माँ शक्ति दो, अडिग रहे विश्वास।
जड़ से जुड़कर हम चलें, छू लें नभ आकाश॥
ब्रह्मचारिणी धीर दो, दृढ़ हो मन का नेम।
कठिन राह पर भी रहे, सत्य-साधना प्रेम॥
चंद्रघंटा साहस भरो, निर्भय हो हर प्राण।
अन्यायों के सामने, सत्य बने हथियार॥
कूष्मांडा उजियारा दो, मिटे हृदय का तम।
सूने मन में प्रेम भरें, सबके हों हम हम॥
स्कंदमाता ममता दो, करुणा का वरदान।
दुख में सबके साथ हों, यही बने पहचान॥
कात्यायनी शक्ति दो, बेटी पाए मान।
बंधन टूटें भय मिटे, ऊँची हो उड़ान॥
कालरात्रि निर्भय करो, मिटे भय-अंधियार।
दुष्ट विचारों से लड़ें, सत्य रहे हथियार।।
महागौरी निर्मल करो, मन-वाणी व्यवहार।
प्रेम-सद्भावों से खिले, अपना यह संसार॥
सिद्धिदात्री सिद्धि दो, सेवा का वरदान।
परहित में जीवन खिले, यही सच्चा सम्मान॥
नौ रूपों में माँ बसीं, नौ संदेश अनमोल।
सेवा, साहस, प्रेम से, जीवन लें हम तोल॥
जय माता दी! शुभ शारदीय नवरात्रि
डॉ अखिलेश श्रीवास्तव


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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