वाह वाही बदल गई, तालियां बदल गई
कदम, रास्ते, मंजिल, गलियां बदल गई।
जो फूल समझकर, सींचा था हमने तुम्हें,
फूल तो खिले रहे,पर, डालियां बदल गई।
पद, पैसे की लालच ने, आंखें चमका दी
फूलझड़ियां बदल गई,दिवालियां बदल गई।
गैर अपने बनकर,काफिले में शामिल हैं,
रूतबा बदल गई और गाड़ियां बदल गई।
पहले जो अपने साथी थे, खैरियत कौन पूछे,
जब दल बदल गया और कुर्सियां बदल गई।।
( सियासत में अवसरवाद हावी होता है)
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







