जिन आंसुओं की कोई इबारत नहीं होती
बहते हैं जो पोंछने की इजाजत नहीं होती
अनमोल मोती हैं गिरकर टूट जायेंगे मगर
रिश्तों में कभी इनकी विरासत नहीं होती
दिल टूटने का सबब है उनको याद आया
वरना तो मुस्कुराने की इनायत नहीं होती
फैला है चारों और ये तेरी याद का उजाला
कहता है कभी प्यार में हिकारत नहीं होती
तेरे दर पे आगये हम अब दास झोली लेके
क़ुरबान जाँ करेंगे जो तेरी राहत नहीं होती. .


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







