मिलने की सोचकर हँसी आ गई।
नाराजगी सही बात नही फिर भी आ गई।।
मन समझने की फुर्सत नही उनको।
खफा होने की वजह कहाँ से आ गई।।
जवानी नासमझी में गुजार दी 'उपदेश'।
समझ आते आते बेवफाई आ गई।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
गाजियाबाद

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
मिलने की सोचकर हँसी आ गई।
नाराजगी सही बात नही फिर भी आ गई।।
मन समझने की फुर्सत नही उनको।
खफा होने की वजह कहाँ से आ गई।।
जवानी नासमझी में गुजार दी 'उपदेश'।
समझ आते आते बेवफाई आ गई।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
गाजियाबाद
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