आप हर पल कुछ न कुछ नया करना चाहते हो,
पर आपको इसकी प्रामाणिकता,
और समाज में इसका उपयोगी स्थान भी चाहिए,
ताकि कोई आपसे ये ना कह पाए,
करते क्या हो,
ये डर भी है और वास्तविकता भी,
कहीं आपको ये ना लगे आप समाज से बेदखल हो।
- ललित दाधीच

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

Show your love with any amount — Keep Likhantu.com free, ad-free, and community-driven.
The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
आप हर पल कुछ न कुछ नया करना चाहते हो,
पर आपको इसकी प्रामाणिकता,
और समाज में इसका उपयोगी स्थान भी चाहिए,
ताकि कोई आपसे ये ना कह पाए,
करते क्या हो,
ये डर भी है और वास्तविकता भी,
कहीं आपको ये ना लगे आप समाज से बेदखल हो।
- ललित दाधीच
© 2017 - 2026 लिखन्तु डॉट कॉम