"शीर्षक: जान लेना, जान ना लेना
दिल में मोहब्बत करके क्या तुमने पाया,
आँखों से छूकर तुमने किसको सताया,
जान लेना, जान ना लेना।
बाहों में आकर साँसे छुपाकर,
रो भी ना पाए,
यादों में डूबे, नींदों में उलझे,
ऐसे क्या जल्दी से आए,
बातें तो कर लो, बातों में ना आना,
चेहरों को देखें, देखने खुद भी ना आए,
खुद का जो होता, खुदा ना ले फरमाइशें।
वो तो पल था, एक से भी कम था,
उनका निकलना, उनका ये सरसर,
मुझमें फिर बढ़ने लगा यक़ीन था,
पर वो जो आए, मेरी आह में समाए,
उनका ये आना, आ भी ना पाए।
कैसे बताता, जैसे नवजात हूँ,
स्मृति होती, नयी धरा में आया,
बस वो एक पल से भी कम था,
उनका गुजरना, गुजरना सही था,
पर ऐसे आना जाना, जरूरी नहीं था।
दिल पे जो गुजरे, मोहब्बत की रेखा,
धार ऐसी, अनजाना कर जाएँ,
ना तुमने जाना, ना हमने जाना,
क्या दिल में उतरना...
मैं जो हूँ, बचा था जो अकेला,
फिर मैं ही उतर जाये,
जान लेना, जान ना लेना,
दीवाना वही है, बस प्यार मत लेना।
- ललित दाधीच"


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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