ये एक टांग का बंदर ,
है बड़ा धुरंधर ।
खाता रहता है चुकंदर ,
माल सब सरकारी अंदर ।
नकलची तो है ही ,
खी खी करता हुआ ।
पहुंचा एक गवाही में ,
झूठ बोलता पाया गया ।
फटकार लगी ऐसी ,
खुल गई धोती जैसी।

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
ये एक टांग का बंदर ,
है बड़ा धुरंधर ।
खाता रहता है चुकंदर ,
माल सब सरकारी अंदर ।
नकलची तो है ही ,
खी खी करता हुआ ।
पहुंचा एक गवाही में ,
झूठ बोलता पाया गया ।
फटकार लगी ऐसी ,
खुल गई धोती जैसी।
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