जानिब ए मंज़िल में यूं ही दिल न लगाना,
अगर है मसला प्यार का तो बेशक निभाना,
बिखर जाते हैं सपने राह से भटकने के बाद,
ये खुद भी याद रखना और दूसरों को भी बताना..!
✨कमलकांत घिरी.✍️

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
जानिब ए मंज़िल में यूं ही दिल न लगाना,
अगर है मसला प्यार का तो बेशक निभाना,
बिखर जाते हैं सपने राह से भटकने के बाद,
ये खुद भी याद रखना और दूसरों को भी बताना..!
✨कमलकांत घिरी.✍️
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