तेरा दीदार ही मेरा आधार है, रोज कहती है
मुझसे मिलने के लिए सिंगार हररोज करती है
कितनी बार कहा है कि मेरा पीछा छोड़ दे
मैं शादीशुदा हूँ फिर भी वो मुझपे रोज मरती है।
धन्यकुमार जिनपाल बिराजदार, सोलापुर
सर्वाधिकार सुरक्षित
9423330737

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
तेरा दीदार ही मेरा आधार है, रोज कहती है
मुझसे मिलने के लिए सिंगार हररोज करती है
कितनी बार कहा है कि मेरा पीछा छोड़ दे
मैं शादीशुदा हूँ फिर भी वो मुझपे रोज मरती है।
धन्यकुमार जिनपाल बिराजदार, सोलापुर
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