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Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of WordThe Flower of Word by Vedvyas Mishra
The Flower of WordThe novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

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The novel 'Nevla' (The Mongoose), written by Vedvyas Mishra, presents a fierce character—Mangus Mama (Uncle Mongoose)—to highlight that the root cause of crime lies in the lack of willpower to properly uphold moral, judicial, and political systems...The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

कविता की खुँटी

                    

चाँदनी रात में

चांदनी रात मे तन्हा ताकती हूँ चाँद को,
और पूछती हूँ चाँद से, तुमने देखा है कंही मेरे प्रियतम को,
फिर खो जाती हूँ, उनकी यादों मे,
डूबती जाती हूँ अतीत की गहराइयों मे।
कभी हँसती हूँ तुम्हें याद करके,
कभी रो जाती हूँ तुम्हारी याद मे।
चाँदनी रात मे तन्हा ताकती हूँ चाँद को,
और पूछती हूँ उससे,
तुम बिखराते तो होंगे अपनी चाँदनी उनके भी आँगन मे,
वो खो गये हैं कंही ज़माने की भीड़ मे,
तुम्हें वो मिल जायें कंही तो दे देना मेरा संदेशा —
उनसे कहना कि मेरी साँसे उन्हें याद करती हैं,
और आँखे उनकी राह तका करती हैं।
उनसे कहना आखिरी सांस के टूटने से पहले वो आ जायें यदि,
मेरी पथराई आँखे सुकून पा जायें तभी,
उनका दीदार कर हम चैन से सदा के लिये सो जायें तभी।
चांदनी रात मे तन्हा ताकती हूँ चाँद को,
पूछती हूँ उससे अपने प्रियतम का पता
— सरिता पाठक


यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है


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रचना के बारे में पाठकों की समीक्षाएं (10)

+

सुभाष कुमार यादव said

बहुत सुंदर रचना।👌👌🙏🙏

सरिता पाठक replied

धन्यवाद सुभाष भईया जी, मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनायें एवं सादर प्रणाम 🌹🌹🙏🙏

मनोज कुमार सोनवानी "समदिल" said

तुम बिखराते तो होगे अपनी चांदनी उनके भी आंगन में। अतिसुंदर अतिसुंदर प्रीति की अनमोल भावनाओं को महसूस कराती ये कविता खूबसूरत रचना है। हृदय को छू लेने वाली रचना। सादर प्रणाम करता हूं 🙏🙏 मकर संक्रांति की पहली किरण मेरी प्यारी बहना के लिए मीठी मीठी प्यारी एहसासों की लड्डू लेकर आए।खुश रहो, स्वस्थ रहो,मस्त रहो, प्यार और लड्डू बांटो।🙏🙏

सरिता पाठक replied

धन्यवाद मनोज भईया जी, मकर संक्रांति की आपको ढेरों शुभकामनायें ईश्वर आपको व आपके परिवार को हमेशा स्वस्थ और खुश रखे, यही कामना करती हूँ, आदरणीय भईया जी को सादर प्रणाम 🌹🙏🙏

आलम-ए-ग़ज़ल - परवेज़ अहमद said

चाॅंदनी रात में तन्हा ताकती हूॅं चाॅंद को, पूछती हूॅं उससे अपने प्रियतम का पता!
दिल से निकली हुई जज़्बात भरी रचना दिल को छूती चली गई! हमेशा की तरह लाजवाब लिखा है आपने, सरिता जी! आदाब! 👌👌👏👏❤️🙏😊

सरिता पाठक replied

शुक्रिया परवेज़ भईया जी मेरी रचना को दिल से पढ़ने के लिए, आदाब 🙏🙏

आलम-ए-ग़ज़ल - परवेज़ अहमद said

मकरसंक्रांति की बहुत-बहुत शुभकामनाऍं! ❤️🙏😊

सरिता पाठक replied

शुक्रिया परवेज़ जी, आपको जिंदगी का हर दिन, हर मुबारक, आपके जीवन का हर दिन खुशियों भरा हो, आदाब 🙏🙏

वन्दना सूद said

हर पंक्ति हृदय स्पर्श करती हुई बहुत कुछ कहती है उम्दा रचना 👌👌

सरिता पाठक replied

धन्यवाद वन्दना जी, मकर संक्रांति की स्नेह और प्यार भरी मीठी मीठी ढेर सारी बधाई 🌹🙏

पवन कुमार "क्षितिज" said

बहुत ही उम्दा लिखा है 👌👌

सरिता पाठक replied

धन्यवाद पवन जी, मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनायें एवं सादर प्रणाम 🌹🙏

सुप्रिया साहू said

अपने प्रियतम से दूर होकर उन्हें याद करना उनकी राह तकना और चंद से उनका पता पूछना हृदय की भावनाओं को अपने बड़ी ही खूबसूरती से शब्दों में पिरोया है, हृदय स्पर्शी रचना मैम 👌👌, मकर संक्रांति की आपको एवं आपके पूरे परिवार को हार्दिक शुभकामनाएं 🥰, आपको सादर प्रणाम 🙏🙏।

सरिता पाठक replied

धन्यवाद सुप्रिया बहन 🌹🙏

पल्लवी श्रीवास्तव said

अरे गज़ब आदरणीया
अति सुन्दर रचना ✍️🙏🙏

सरिता पाठक replied

बहुत बहुत धन्यवाद स्नेह युक्त नमस्ते 👌

अनिल भारद्वाज एडवोकेट said

तुम बिखराते तो होंगे अपनी चाँदनी उनके भी आँगन मे, बहुत ही हृदय स्पर्शी भाव। वाह वाह वाह बहुत सुंदर लाजवाब कविता।सादर अभिवादन सम्माननीया सरिता जी

सरिता पाठक replied

धन्यवाद एवं आदरणीय sir जी को सादर प्रणाम 🙏

सरिता पाठक replied

धन्यवाद,, आदरणीय sir जी ko सादर प्रणाम 🙏🙏

रीना कुमारी प्रजापत said

Dil ko chhu jane wali rachna aisa lag raha jaise meri kahani ho

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