तुम बेबफा नहीं हो, हम बेबफा नहीं हैं।
रास्ते अलग हैं, पर मन जुदा नहीं है।
क्या वजह हुई जो हमसे हुए तुम दूर,
तेरे प्यार पर था प्रियतम, हमको बहुत गुरुर।
क्या थी, तेरी मजबूरी
जो हो गयी इतनी दूरी।
यदि तुम साथ देते,
तुम पास होते,
तो जीवन खुशियों से भर जाता।
तुम रहो जहां भी साजन,
हम तो दुआ ही देंगे।
तेरी आँखों से गिरते आंसू
अपनी पलकों से चुन लेंगे।
पर तुमको मेरे प्रियतम
हम बेबफा नहीं कहेंगे।
तुम बेबफा नहीं हो,
हम बेबफा नहीं हैं।
रास्ते अलग हैं,
पर दिल जुदा नहीं हैं।
— सरिता पाठक
यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है
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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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