बच्चों कभी अकेले दूर दूर न जाया करो
आस पास पड़ोस में ही खेल कर घर आया करो
अकेले अकेले बहुत दूर गए तो
रास्ता भूल कर अगर गुम हुए तो
कैसे फिर अपने घर पर आओगे ?
बहुत दुख ही दुख और कष्ट पाओगे
इसी लिए बच्चों दूर अगर जाना हो
किसी के साथ जाया करो
अपने घर पर वापस भी उसी के साथ आया करो
जो जो बात लिखी है सत्य और सच है
तुम्हारे लिए ये.... सुरक्षा कवच है
तुम्हारे लिए ये.... सुरक्षा कवच है.......
----नेत्र प्रसाद गौतम


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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