ध्यान के बादल छटने दे।
यों सूरत को तूँ अर्क न दे।।
बात नहीं होती उससे क्या।
बेतुके सवालो के तर्क न दे।।
नींद उड़ेगी तेरी भी 'उपदेश'।
उससे पहले तूँ अश्क न दे।।
- उपदेश कुमार शाक्यवार 'उपदेश'
गाजियाबाद

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

Show your love with any amount — Keep Likhantu.com free, ad-free, and community-driven.
The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
ध्यान के बादल छटने दे।
यों सूरत को तूँ अर्क न दे।।
बात नहीं होती उससे क्या।
बेतुके सवालो के तर्क न दे।।
नींद उड़ेगी तेरी भी 'उपदेश'।
उससे पहले तूँ अश्क न दे।।
- उपदेश कुमार शाक्यवार 'उपदेश'
गाजियाबाद
© 2017 - 2026 लिखन्तु डॉट कॉम