अब पुराने यार भी पुराने हो गए
खास गुफ्तगू से वो बेगाने हो गए
ना रही वो मस्ती ना रहा वो प्यार
बदलते हुए युं अब जमाने हो गए
ज़ख्म दिल के अब मिटाने हो गए
यादों के घाव कठिन दबाने हो गए
मिले यार भुले बिसरे अगर कहीं
बात कैसे शुरू करें फसांने हो गए
अब पुराने यार भी पुराने हो गए
बीती हुई यादें फिर कराने हो गए
इक जगह बिताया करते वक्त सब
अलग अब यारों के ठिकाने हो गए
घाव बिलाल के दिखाने हो गए
अब पुराने यार भी पुराने हो गए
हमें कभी न थी जिसकी उम्मीद
खास गुफ्तगू से वो बेगाने हो गए
लेखक_चौधरी बिलाल
टिडौली_जिला सहारनपुर उ०प्र


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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