भावनाओं की धूप में,
अपनी ममता की छाँव बनाए रखना।
गमों के अंधेरों में,
सूरज बन उजियारा करते रहना।
राहों के काँटों में,
विश्वास बन हमें थामे रहना।
हर सांस में माँ,
अपनी भक्ति की जोत जगाए रखना।
वन्दना सूद
यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है
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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







