ख्वाहिशें बेशुमार संजो ली हमने ,
मगर कर्मों को संवारा नहीं ✍️
अहम् तक़दीर बदलने तक का रखते हैं,
मगर साँसे कितनी हैं यह खबर नहीं ⏳
वन्दना सूद
यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है
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Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
ख्वाहिशें बेशुमार संजो ली हमने ,
मगर कर्मों को संवारा नहीं ✍️
अहम् तक़दीर बदलने तक का रखते हैं,
मगर साँसे कितनी हैं यह खबर नहीं ⏳
वन्दना सूद
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