उसके जाने के बाद,
मैं जाना कि,
प्रेम में बहुत कुछ होता है,
एक प्रेम में सबकुछ होता है,
तन्हाई रूठती है तो,
प्रेम उसे मनाता है,
आँसू रुकते हैं,
तो प्रेम उन्हें बहाता है,
हृदय पीड़ा में हो,
तो प्रेम उस पर मरहम लगाता है,
कोई साथ नहीं देता है तो,
प्रेम उसका हाथ पकड़ता है,
पैसों का मोल तो जरूरी है,
और जिंदगी का वज़न भी सहन करता है,
मगर प्रेम जैसी निश्छलता और सहजता,
नहीं ला सकता,
पैसों में गुलामी आजादी का सूक्ष्म खेल है,
पर प्रेम आजाद रखता है।।
- ललित दाधीच


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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