नज़र आईने के माध्यम से दुनिया देखने लगे।
दाग ज्यादा दिखेंगे दगा देने वाले भागने लगे।।
दुनिया की नजर में फर्क़ झलकता सभी को।
उस वक्त आँखों में ठहरा तूफान मचलने लगे।।
चेहरे की अहमियत बढ़ जाती जवानी के वक्त।
वक्त गुजरने के बाद गम्भीरता झलकने लगे।।
सहारा आईने जैसा रास्ता बदलने को बोलता।
उसकी न मानने पर रूप रेखा ही बदलने लगे।।
जो लोग संवारने को अहमियत देते 'उपदेश'।
उनकी वज़ह से देश की किस्मत बदलने लगे।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
गाजियाबाद


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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