~मुक्तक ~
गलती बा त सम्हल जाईं।
सही कीओर निकल जाईं।
राह मिली एक दिन पक्का,
पहिले रउआ बदल जाईं।
होला अइसन नया नइखे,
डेरा के मत दहल जाईं।
साथ रखीं हमरा से ताकि
मन से रउआ बहल जाईं
-'प्यासा
~ मुक्तक ~
भरे मन में उजिआरा उ पढ़ाई ह।
करे दूर अंधिआरा उ पढ़ाई ह।
समझ आवे भाव सही अरु गलत के
दूख दूर करे सारा उ पढ़ाई ह।
देवे दूर दृष्टि नेक इरादा दे,
देव नम्र-ज्ञान धारा उ पढ़ाई ह
देख भाई गुण अगर बा तहरा में
तहर कइल -धइल सारा उ पढ़ाई ह ।
--'प्यासा'
~समझदार बनी।~
जगा लीं किस्मत होशियार बनीं।
बदल दीं आदत असरदार बनीं।
दोष त 'प्यासा' सब सुभाव में बा,
बात के समझीं समझदार बनी।
--'प्यासा'
~मुक्तक~
शिक्षा से पूरा अरमान होला,
जिनगी के रहिआ,आसान होला ।
ना नुकूर करे ला जे शिक्षा से ,
बबुआ हो उहे परेशान होला ।
***
पढाई के समय बा पढ़ीं ।
जिनिगीआ खराब मत करीं।
दामिल बा मिलल समईआ ,
बचाईं बर्बाद मत करीं ।
-'प्यासा'
© विजय कुमार पाण्डेय 'प्यासा'


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







