चुन्नी को हंसाने के लिए
मुन्नू ने किया दादी जी का श्रृंगार
मम्मी का लिपस्टिक पाउडर
क्रीम आलता लाकर
दादी जी को करने लगा तैयार
फिर बोला,दादी जी
सुंदर सा एक लहंगा पहन
चलिए मेरे साथ बाज़ार
मम्मी जी के पर्श से मांगकर
पैसा लाता हूँ दो चार हजार
मेरे और मुन्नी के लिए
खरीद दीजिएगा
सुंदर-सुंदर खिलौना,मिठाई
और ढेर सारा उपहार
मम्मी जी के लिए
लाया जाएगा चटपटा
आम,नींबू मिर्ची का अचार
खाकर अचार
मम्मी करने लगेंगी
हम सभी को प्यार
पापा जी, दादा जी के लिए
लाया जाएगा
टी-शर्ट जींस जोरदार
जल्दी चलिए दादी जी
मुन्नी को भी कर लेता हूँ
झटपट तैयार
नहीं तो हो जाएगा बंद बाज़ार
आज मेरा खूबसूरत दिन है रविवार
नहीं तो करना पड़ेगा
अगले रविवार का इंतजार
जल्दी हो जाइए दादी जी तैयार
आज मस्ती करेंगे हजार
दादी जी को नए स्टाइल में देखकर
चुन्नी हँसने लगी खिलखिलाकर
वाह! दादी जी कमाल लग रहीं हैं
लहंगे में खूब खिल रहीं हैं
खुशी से उछल उठी
फिर मुन्नू से बोल उठी
मेरे लिए क्या लाओगे
बाज़ार जाकर
मैं भी तैयार हो जाऊं क्या….
दादी जी की तरह सज जाऊं क्या.?
मुन्नू बोला, नहीं चुन्नी दीदी
आज केवल मुन्नी जाएगी
ये हो गई है झटपट तैयार
आप अगले रविवार का
करते रहिए बेसब्री से इंतजार
आपके लिए खरीदकर
हमलोग लाएंगे खूबसूरत
फैंसी लहंगा जड़ी-बूटीदार
और ढेर सुंदर-सुंदर उपहार
स्वादिष्ट सुंदर मिठाइयां लाएंगे
खाकर आप हमें भूल न पाएंगे
अभी बाय बोलता हूँ
जल्दी से मैं चलता हूँ
वरना लेट हो जाएगा
जाना व्यर्थ हो जाएगा
फिर, अचानक मुन्नू हंसने लगा
चुन्नी से बोला,
भला,आप को छोड़कर
हमलोग जा सकते हैं
आपके बिना कुछ खा सकते हैं
वो तो, आपको रिझाने का बहाना था
आपको तो लेकर ही जाना है
जल्दी से हो जाइए तैयार
चुन्नी दिल खोलकर हँसने लगी
जल्दी-जल्दी तैयार होने लगी
चुन्नी सज गई
आसमानी रंग की सूट में
बहुत ही सुन्दर लग रही
सिंपल लुक में
सपरिवार चल दिए
ख़ुशी ख़ुशी बाज़ार
क्योंकि,राहत चाहत
मोहब्बत भरा मनमोहक
मनभावन मनोहर
छुट्टी का दिन है रविवार
खुशियां समेटे ख़ुशी ख़ुशी
आएंगे करके बाज़ार
यही तो है हंसता-मुस्कुराता
खुशियों में रंग भरने वाला
खूबसूरत रोमांचक रविवार।।
-ममता तिवारी


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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