खुशी के मौसम में उसका वहाँ पर होना।
एक नजर देखकर पलटकर फिर शर्माना।।
चाहत अपना काम बखूबी करने में लगी।
सोचकर घबराई कहीं देना न पड़े हर्जाना।।
ले आई कटोरी में गुड़ और गिलास मे जल।
मेहमान नवाजी की आड़ में हाथ छू जाना।।
मन्द-मन्द मुस्कुराकर हालचाल लेना देना।
घर आये मेहमान की इतनी तवज्जो करना।।
पहली मुलाकात का असर बखूबी हो रहा।
जज़्बात संभालते हुए इत्तला सैर की करना।।
लग रहा मन्नत पूरी होकर ही रहेगी 'उपदेश'।
इन्हीं ख्यालो के बीच दुपट्टे से सिर ढाकना।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
गाजियाबाद


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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