नशा हुजूर हुआ
न जाने हम को ये कैसा नशा हुजूर हुआ
बिन पीये ही ये हम को, नशा हुजूर हुआ
तेरे इश्क में अगर हम न होते यूं दीवाने
क्या होता मेरा सोचो गर न होते मैखाने
खता हुई क्या हमसे, ये क्या कुसूर हुआ
बिन पीये ही ये हम को नशा हुजूर हुआ
ये क्या हुआ हमको, ये चल रहा है क्या
ये कौन सा पल है ये बदल रहा है क्या
ना जाने कौन यहां, कितना मशहूर हुआ
बिन पीये ही ये हम को नशा हुजूर हुआ
अब, रखा क्या है मेरे, होश में आने का
अब नहीं है गम उन से बिछङ जाने का
बिछङ के ये दिल, गम से क्यूं चूर हुआ
बिन पीये ही ये हमको, नशा हुजूर हुआ
कभी न कभी तो उसे, याद आएगी मेरी
उस के सदके में ही, ये जां जाएगी मेरी
प्रेम करने का यादव ये कैसा सुरूर हुआ
बिन पीये ही ये हमको, नशा हुजूर हुआ
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







